30 Oct 2009

ये सब समय रहते कर लें ना

लोग अक्सर से पूछते हैं - मौत के बाद क्या होगा? लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि मौत के पहले क्या होगा? कोई यह क्यों नहीं देखता कि अभी उसकी जिन्दगी में क्या हो रहा है? आपकी जिन्दगी क्या है? काम, ऑफिस, पैसा, पीड़ा, प्रयास, सफलता से चिपके रहना, लेकिन क्या यही सब जिन्दगी है? हाँ, आपका जीवन तो यही कहता है। किन्तु मौत इन सब पर विराम लगा देती है।
तो क्या जीते जी... मौत से पूर्व ही यह संभव है कि हम ये सब स्वयं ही खत्म कर दें - जुड़ाव या मोह, अपने विश्वास-अंधविश्वास खत्म कर दें। किसी चीज को स्वेच्छा से, बिना किसी उद्देश्य से, बिना किसी खुशी से करना - क्या आप ऐसा कर सकते हैं? क्योंकि ऐसा करके ही किसी चीज के स्वेच्छा से खत्म हो जाने की सुन्दरता देखी जा सकती है।
और इस खात्मे, इस समाप्ति के बाद ही नई शुरूआत है। यदि आप स्वयं ही ये सब खत्म करते हैं, तो द्वार खुलते हैं, लेकिन आप अपना सांसारिक मायाजाल खत्म करने से पहले ही चाहते हैं कि कोई दरवाजे आपके लिए खुल जायें। आप कभी भी उस कुचक्र को खत्म नहीं करते जिसमें आप हैं, आप अपने उद्देश्यों लक्ष्यों को कभी भी खत्म नहीं करते।
ऐसा जीवन जिएं जिसमें अन्र्तमुखी समापन हो, यही मृत्यु की समझ लाता है।

अपने सारे अतीत के प्रति मरना
यदि हम आश्चर्यजनक चीज मौत के सम्पर्क में नहीं आना चाहते तो हमें ये करना ही होगा। अपने सारे अतीत के प्रति मरना ही मृत्यु है हमें इसे स्वेच्छा, अपनी खुशी से करना है।
क्या आपने कभी कोशिश की बिना तर्क-वितर्क किये, बिना किसी अनुनय के, बिना किसी मजबूरी के, बिना किसी जरूरत के, खुशी से मरने की। आप वैसे भी अनिवार्यतः मर ही रहे हैं। लेकिन कभी किसी दिन आपने कोशिश की, कि सहजता सरलता से, खुशी से, अपनी खुशियों, अपनी यादों, अपनी नफरतों, अपनी महत्वाकांक्षाओं, अपनी पैसे इकट्ठे करने की त्वरित अनिवार्य जरूरत, के प्रति मर जायें?  जीवन में आप कुल मिलाकर धन चाहते हैं, पद, ताकत चाहते हैं और चाहते हैं कि दूसरे आपसे ईष्र्या रखें, जलें। तो क्या इन चीजों के प्रति आप अभी ही नहीं मर सकते, क्या आप उस ज्ञान के प्रति नहीं मर सकते है जिसे आप अपना ज्ञान कहते हैं, बिना किसी व्याख्या के सहजता, सरलतापूर्वक। यही वह चीज है जो आपको किसी भी हालत में करना ही होगा यदि आप मृत्यु को जानना चाहते हैं। उन सब चीजों के प्रति मृतप्राय हो जायें जो आप जानते हैं, आपका ज्ञान, शरीर, मन और वो सब जो आपने अपने संसार के रूप में खड़ा किया है।
Share/Bookmark