4 Dec 2009

क्या दिमाग को शांत किया जा सकता है?



ध्यान यह पता करना है कि क्या मस्तिष्क या दिमाग को, उसकी सभी गतिविधियों सहित, उसके सभी अनुभवों सहित, पूरी तरह शांत, खामोश किया जा सकता है? बलपूर्वक नहीं, क्योंकि जब जबर्दस्ती की जाती है, वहां द्वंद्व पैदा होता है।
स्वत्व, हमारी अपनी सत्ता कहती है ”मुझे अद्भुत अनुभव प्राप्त करना है, इसलिए मुझे अपने दिमाग को शांत रखना ही है।“, लेकिन हमारा स्वत्व ऐसा नहीं कर पाता। लेकिन यदि हम जिज्ञासा करें, अवलोकन करें, विचार की सारी गतिविधियों को सुनें, उसकी शर्तों, उसकी अपेक्षाओं लक्ष्यों, उसके भयों, उसके सुखों को देखें, यह देखें कि दिमाग किस तरह काम कर रहा है तब आप पाएंगे कि मस्तिष्क असाधारण रूप से शांत है। यह शांति, नीरवता नींद नहीं है अपितु यह अत्यंत सक्रियता है और इसलिए शांति है। एक बहुत बड़ा डायनेमो जो अच्छी तरह काम कर रहा हो वह बमुश्किल बहुत ही कम आवाज करता है, केवल तब जब घर्षण होता है, द्वंद्व होता है वहीं पर शोर होता है।

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