19 Apr 2014

एक अलग तरह का मन

हर आदमी कश्मकश और बखेड़ों से भरी जिंदगी.. निरंतर भागदौड़ हड़बड़ी और संघर्ष में फंसा है. इस जिंदगी का मतलब समझने के लिए किसी को भी पहले तो इस पर बौद्धिक रूप से पकड़ बनानी होगी और उसके बाद इससे उपजी समझ को व्यवहार में लाना होगा. चूंकि विचार पहले आता है यह बहुत जरूरी है कि वह सत्य या मौलिक, हमारा जाना—समझा विचार हो.. इसलिए आपको किसी समस्या का सामना स्पष्ट विश्लेषित मन के साथ करना होगा, पूर्वाग्रह से रहित, दिखावटी कोशिश और अंधविश्वास से मुक्त होकर... एक ऐसे मन सहित जो जांच परख कर, चीजों की जड़ तक जाने की सुदृढ़ इच्छा रखता हो ना कि सतह पर ही झाग या फेन की तरह फैले रहने की....

A different mind
In the confusion and turmoil of life, in its continual bustle and conflict, every individual is caught. To understand the meaning of it, o
ne must first grapple with it intellectually and afterwards put one's intellectual theories into practice... And since thought comes first, it very necessary that it should be true thought. Therefore you must approach the problem with a clear synthetic mind, free from prejudice, vanity and superstition - a mind that is willing to probe to the real root of things and not merely to skim the surface.

J. Krishnamurti Early Works, circa 1930


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